शिव पुराण में बताई गयी ये बाते हिंदी में जाने / shiv puran


shiv puran
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shiv puran को समर्पित है  और किए गए तथ्यों के आधार पर 12 स्टेप आवंटित किए हैं जिन्हें भगवान शिव कभी भी क्षमा नहीं करते हैं साथ ही ऐसे लोगों को एक न एक दिन महाकाल के ढंग को भोगना ही पड़ता है ये लोग कभी भी अपना जीवन कैसे व्यतीत नहीं कर सकते हैं तो आइए मित्रो एक बार विस्तार से प्रकाश डालते हैं कि मैं बार आप आप कौन से हैं जिन्हें शिव पुराण में बताया गया है shiv puran 

नमस्कार और एक बार फिर स्वागत है आप सभी का आपके अपने hindimebook.comमे

Shiv puran को पढ़ते समय क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए ?

  • कथा सुनाने से पहले बाल नाखून आदि कटे ? और स्वच्छ कपडे पहने !
  • मन में भगवान् shiv के प्रीत श्रधा रखे !
  • किसी के प्रीति भेद भाव न kare.
  • ब्रहमचर्य का पालन करते हुए व्रत रखे !
  • सात्विक भोजन kare.
  • भूमि पर सोना चाहिए !
  • किसी की निंदा या चुंगली न kare !
  • किसी भी तरह का नशा न kare !
  • कथा पूर्ण होने पर shiv puran और shiv परिवार का पूजन kare !

 

 

Shiv puran की ये बाते जरूर यद् रखे ?

इन पार्कों में सबसे पहले वफा बाते हैं जिन्हें मनुष्य अपने विचारों से करता है जैसे कि कई बार देखा गया है कि बहुत से लोग पराई स्त्रियों पर बुरी दृष्टि रखते हैं और काल्पनिक रूप से उनके साथ विषय भोग का विचार करते ही रहते हैं हालांकि इस प्रकार की सोच केवल पुरुष ही नहीं बल्कि आज के इस कलयुग में कई महिलाएं भी दूसरों की तरफ आकर्षित रहती है और मनी कीमत उनके साथ रमण करती है लेकिन दोस्तों शिवपुराण के अनुसार रखना गया है और यह पाप की श्रेणी में आता है

बहुत स्लो धन कमाने की अंधी दौड़ में शामिल है कई लोग तो इस कृत्य में इतना लेफ्ट हो चुके हैं कि मन ही मन दूसरों के धर्म को बांटने की चाह रखते हैं किंतु ऐसा विचार करना भी भगवान शिव की दृष्टि में अक्षम में पाप है और जो ऐसा करता है वह जीवन में कभी भी सुखी नहीं रह सकता है



भगवन शिव किसे छामा नहीं करते है ?

दोस्तों कई बार आपने देखा होगा कि कुछ लोग योजना बनाने में बहुत ही माहिर होते हैं अक्सर यह लोग भोले भाले और निरपराध मनुष्यों को कष्ट देने अथवा उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं बनाते ही रहते हैं किंतु भगवान शिव ऐसा विचार करने वालों को कभी भी क्षमा नहीं करते हैं


यदि देखा जाए तो इस पृथ्वी पर उपस्थित समस्त जीव-जंतुओं की तुलना में जो बुद्धि और तर्क शक्ति मनुष्य के पास है वह किसी अन्य के पास हो ही नहीं सकती है इसी वजह से किसी भी परिस्थिति में मनुष्य के पास विकल्प रहता है और वह स्वतंत्र रूप से यह चुनाव कर सकता है कि उस रास्ते पर जाना है या बुरे परंतु जब कोई मनुष्य छोड़कर पूरी रहता है तो पाप का भागी हो जाता है और भगवान शिव देते हैं


शिव पुराण के अनुसार जिस प्रकार आप किसी का बुरा नहीं करने के बावजूद भी उसके लिए बुरी सोच रखने के कारण भी पाप के हकदार हो जाते हैं उसी प्रकार से पहले ही आपने अपने कार्य से किसी का बुरा ना किया हो लेकिन आपकी वाणी भी आपको अक्षम में पाप के लिए जिम्मेदार बना सकती है खासतौर पर तीन-तीन हालातों में जाते हैं

Bhagwat Geeta Saar in Hindi ? 


shiv puran के अनुसार झूठ कियु नहीं बोलना चाहिए ?

जैसा कि आज के युग में कई लोग झूठ बोल जाते हैं किंतु यह विचार नहीं करते हैं कि भविष्य में जिनके झूठ से कई समस्याएं खड़ी हो जाएंगे उनके साथ कई अन्य लोगों को भी मुश्किल में डाल देंगे इसलिए मित्रों झूठ बोलना छल की श्रेणी में आता है और शिव पुराण में बताया गया है


बहुत से लोगों को कटुए इतने कहने की आदत होती है ऐसे लोग किसी से सीधे मुंह बात नहीं करते हैं और बिना बात के ही लोगों पर बरस पड़ते हैं किंतु यह लोग ऐसा विचार कभी नहीं करते हैं किस्से सुनने वाले का कितना मन दुखी था परंतु शिव पुराण के अनुसार यदि कोई मनुष्य कहता है तो उसका यह कृत्य पाप की श्रेणी में आता है और वह व्यक्ति एक न एक दिन भगवान शिव के कोप का भाजन अवश्य ही बनता है


कुछ लोग अफवाह फैलाने में बड़े ही कुशल होते हैं कई बार ऐसे लोग किसी अन्य को हानि पहुंचाने की नीयत से उसकी पीठ पीछे बातें करते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से उक्त को हानि पहुंचाने में लगे ही रहते हैं किंतु यह लोग अधिकांश शाह ऐसा कृत्य करने के बाद ऐसा बिल्कुल भी नहीं सोचते हैं कि कोई देखे ना देखे लेकिन उन्हें भगवान शिव अवश्य ही देख रहे हैं और एक न एक दिन उन्हें भी देंगे


तो दोस्तों यह तेरे पास जो मनुष्य जाने अनजाने में अपनी वाणी द्वारा करता है किंतु अब हम आपको पांच ऐसे कृत्य बताएंगे जो शिव पुराण के अनुसार पाप की श्रेणी में आते हैं और इन्हें करने वाला मनुष्य स्वार्थी हो जाता है


shiv puran में किस भोजन को पाप मन जाता है ?

इनमें सबसे प्रमुख है भोजन क्योंकि हिंदू धर्म में भोजन के रूप में उनकी जाने वाले कई चीजों को वर्जित बताया गया है किंतु फिर भी यदि कोई मनुष्य इन चीजों का सेवन करता है तो वह पाप का भागी बन जाता है इन चीजों में मांस सबसे प्रमुख है इसके अलावा यदि कोई मनुष्य पाप करता है और उत्सर्जित होता है आता है यह भी बताया गया है और इसे भोजन करने वाला दंड का भागी हो जाता है

महिलाएं बच्चे जैसी कमजोर टीम के खिलाफ हिंसा या उन्हें कष्ट पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए कृत्य भगवान शिव की दृष्टि में और पाप की श्रेणी में आते हैं और ऐसा कृत्य करने वाले लोगों को महादेव एक न एक दिन अवश्य ही देते हैं


ब्राह्मण जब मंदिर की चीजें चुराना गलत तरीके से दूसरों की संपत्ति हड़पना या गलत तरीके से अपने अधिकार क्षेत्र में ले लेना याद आती है जो अपराध की श्रेणी में आते हैं और इन गतिविधियों में लिप्त लोगों को भगवान कभी माफ नहीं करते हैं

भूल कर भी हमें कभी किसी अन्य व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए क्योंकि आप मानते जो चोट पहुंचती है पोस्ट और शरीर पर लगी चोट से कहीं अधिक दर्दनाक और घातक होती है इस पुराण में बताया गया है कि हमें कभी भी अपने गुरुजनों का माता पिता का पत्नी का जब पूर्वजो का अपमान नहीं करना चाहिए किंतु फिर भी यदि कोई मनुष्य ऐसा कृत्य करता है तो वह महा पाप का भागी बन जाता है


 

ऐसा क्या है जो पाप मना जाता हैं ?

इसके अलावा दोस्तों जानकी हुई चीजों को वापस लेना गुरु की पत्नी के साथ नाजायज संबंध बनाना किसी भी प्रकार का नशा शराब आदि इत्यादि भी गौर किया है जो महा पाप की श्रेणी में आते हैं और इन्हें भगवान शिव किसी भी परिस्थिति में जमा नहीं करते हैं

 

तो दोस्तों अब तो आप जान ही गए होंगे कि हमें किस प्रकार के कृत्यों से बचना चाहिए ताकि हम महादेव के डंडे व क्रोध से बचे रहें और उनकी छत्रछाया सदैव हम पर बनी रहे इसी के साथ दो तो हमारी यह जानकारी भी यहीं समाप्त होती है हम उम्मीद करते हैं कि आपको यह जरूर अच्छी लगी होगी यदि आप भी इस विषय में कुछ सकारात्मक विचार रखते हैं तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हमें जरूर बताइएगा देखते रहिए आप सभी का बहुत-बहुत

 

आप shiv puran के द्वारा बताई गयी बाते कैसी लगी comment बॉक्स में comment करके जरूर बतये और इस पेज को जरूर शेयर kare .

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धन्यवाद





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