धनतेरस कब है dhanteras 2020 पूजा तिथि / hindimebook

dhanteras 2020
 dhanteras 2020 



dhanteras 2020 नमस्कार दोस्तों आप देख रहे हैं आपका अपना hindimebook.com आप सभी भक्तों मै Vijay  बहुत-बहुत स्वागत करता हूं ( dhanteras 2020 )

प्रिय भक्तों साल 2020 में धनतेरस कब है और इसका महत्व क्या है यह क्यों मनाया जाता है और धनतेरस के पर्व को मनाने का हिंदू धार्मिक दृष्टि से क्या महत्व है ( dhanteras 2020 )


धनतेरस शुभ मुहरत और time


दोस्तों 2020 में धनतेरस मानाने का समय ये है

धनतेरस शुभ मुहर्त का समय – शाम 5:25 से ले कर 5:59 तक है
प्रदोष काल का समय – शाम 5:25 से ले कर 8:06 तक है
व्र्शभा काल का समय – शाम 5:33 से ले कर ०७:29 तक है  


धनतेरस 2020 में कब है


धनतेरस का पर्व कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाने की परंपरा है इस दिन कुछ ना कुछ नया खरीदने की परंपरा है ( dhanteras 2020 )

चाहे वह बर्तन हो या अन्य कोई भी सामान हो इस दिन घर में कुछ ना कुछ नया सामान खरीदकर जरूर लाना चाहिए और विशेषकर अगर इस दिन पीतल व चांदी के बर्तन खरीदे जाएं तो इसका महत्व कई गुना अधिक पड़ जाता है ( dhanteras 2020 )

प्रिय साथियों मान्यता है कि इस दिन जो कुछ भी खरीदा जाता है उससे आंख की धन संपत्ति में बढ़ोतरी होती है और इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने का भी विशेष विधान है ( dhanteras 2020 )

प्रिय दोस्तों धनवंतरी जो देव हुए हैं वह भी इसी दिन अवतरित हुए थे इस कारण इसे धनतेरस कहा जाता है प्रिय बंधु जनों यहां पर मैं आपको बताना चाहता हूं

कि देवताओं और राक्षसों के बीच जब संयुक्त रूप से किए गए समुद्र मंथन के दौरान प्राप्त हुए 14 रत्नों में धन मंत्री व माता लक्ष्मी भी शामिल होती है

यह तिथि धनत्रयोदशी के नाम से भी जानी जाती है प्रिय बंधुओं धनतेरस के दिन लक्ष्मी माता की पूजा की जाए तो यह भी आपके परिवार में लक्ष्मी को बढ़ाने वाली होती है

साथियों यहाँ पर मैं आपको बता रहा हूं कि धनतेरस पर बर्तन खरीदने का और वह भी चांदी के बर्तन या पीतल के बर्तन खरीदने का विशेष महत्व है कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि होती है ( dhanteras 2020 )


इस दिन समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे और जब धन्वंतरी देव प्रकट हुए थे उनके हाथों में अमृत से परिपूर्ण था भगवान धन्वंतरी उसको लेकर प्रकट हुए थे इसलिए इत्यादि खरीदने की परंपरा है साथियों पीतल धातु है

इससे घर में सुख शांति और आरोग्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर की पूजा भी की जाती है और वही प्रिय साथियों मैं आपको बता देता हूं

कि धनतेरस के दिन जब देव की पूजा अर्चना करने का भी विशेष महत्व है धनतेरस पर दक्षिण दिशा में एक दीप जलाना चाहिए इसके पीछे की कहानी ने अभी आपको सुनाता हूं 

1 दिन दोनों ही में यमराज से प्रश्न किया था कि अकाल मृत्यु से बचने का भार आज कोई उपाय बताएं इस प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा था ( dhanteras 2020 )

कि जो मनुष्य धनतेरस की शाम के समय यम के नाम से दक्षिण की दिशा में रख कर दिया जाएगा उसकी अकाल मृत्यु नहीं होगी और उसके शरीर पर कोई कष्ट होगा तो उसको मैं दूर करूंगा नोट्स

इसी प्रकार इस मान्यता से धनतेरस की शाम को लोग आंगन में देवता के नाम से दक्षिण की तरफ दीपक जला कर रखते हैं फल स्वरुप उपासक और उसके परिवार को यमराज के कोप से सुरक्षा मिलती है और अकाल मृत्यु का भय जाता है ( dhanteras 2020 )

साल 2020 में धनतेरस कब है


साल 2020 में धनतेरस का पर्व 13 नवंबर शुक्रवार के दिन होगा प्रिय बंधु जनों धनतेरस पूजन का मुहूर्त रहेगा शाम को 5:28 से शाम को 5:59 तक प्रदोष काल पूजा का समय रहेगा 5:25 से रात 8:06 तक

कॉल पूजा का समय रहेगा 5:33 से शाम को 7:28 तक प्रिय बंधु जनों प्रयोग सी तिथि प्रारंभ होगी रात्रि 9:30 से 12 नंबर से तो प्रिय बंधुओं इस प्रकार से मैंने आपको बताई धनतेरस पर्व की तिथि और उसका शुभ मुहूर्त मैं आपको बता रहा हूं कि धनतेरस की पूजा विधि क्या है

धनतेरस की पूजा विधि क्या है


साथियों शाम के समय पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है पूजा के स्थान पर जहां पर आप ने पूजा करनी है उत्तर दिशा की तरफ भगवान कुबेर और महाराज धनवंतरी का चित्र लगाकर उनके कोई अगर मूर्ति हो तो उसकी स्थापना कर उनकी विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करनी चाहिए और साथ ही साथ माता लक्ष्मी और भगवान गणेश को भी साथ में स्थान दें और उनके भी पूजा करने का शास्त्रों में विधान है

ऐसी मान्यता है कि भगवान कुबेर को अगर श्वेत मिठाई और धनवंतरी को पीली मिठाई का भोग लगाना चाहिए ( dhanteras 2020 )

क्योंकि देवधर मंत्री को पीली वस्तु ज्यादा प्रिय होती है पूजा के रूप में आप फल फूल और अन्य जो भी सामान है

इसकी मांग करना आपके लिए बहुत सुख दायक होता है धनतेरस के दिन यम देव के नाम से भी मैंने आपको बताया एक दीपक निकालने की परंपरा है

प्रिय बंधु जनों इस प्रकार से यह मैंने आपको बताया कि धनतेरस के दिन शाम की पूजा किस प्रकार की जाती है और साल 2020 में धनतेरस का पर्व कब है और किस प्रकार मनाया जाएगा ( dhanteras 2020 )

धनतेरस 2020 संबंधित अन्य आपका किसी प्रकार का कोई प्रश्न है तो आप अपना प्रश्न कमेंट बॉक्स में छोड़ सकते हैं 


dhantrayodashi



दोस्तों धनतेरस के दिन धन के देवता भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है हर साल धनतेरस कार्तिक मास के 13 दिन और दीवाली से 2 दिन पहले मनाया जाता है

मान्यता है कि धनतेरस के दिन खीर सागर के मंथन के दौरान लक्ष्मी और भगवान कुबेर प्रकट हुए थे इसलिए धनतेरस के दिन क्या खरीदना शुभ होता है और क्या खरीदना आशुभ होता है धनतेरस के दिन क्या खरीदना चाहिए


मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि सागर मंथन के दौरान हाथ में कलश लेकर जन्मे थे इसलिए धनतेरस के दिन बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है ( dhanteras 2020 )

भगवान कुबेर को चांदी बहुत प्रिय होती है धनतेरस के दिन चांदी के बर्तन जेवर या फिर सिक्का खरीद सकते हैं माता लक्ष्मी को कोरिया यंत्र और धनिया बहुत प्रिय बताया जाता है

इसलिए धनतेरस के दिन कोरिया खरीदकर दिवाली के दिन की पूजा करके अपनी तिजोरी में रखें धनतेरस के दिन धन की माता लक्ष्मी घर में आती है और वह सिर्फ साहब घर में ही प्रवेश करती हैं ( dhanteras 2020 )

इसलिए इस दिन झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है क्योंकि धनतेरस दिवाली की शुरुआत हो जाती है इसलिए इस दिन ही दिवाली के दिन जाने वाली लक्ष्मी गणेश की मूर्ति और मिट्टी के दीपक खरीदना अच्छा माना जाता है जैसे और भी खरीद सकते हैं

हम जानेंगे कि धनतेरस के दिन क्या नहीं खरीदना चाहिए मान्यता है कि धनतेरस के दिन खरीदना शुभ माना जाता है लेकिन राहु काल में बाहर खड़ा नहीं होता धनतेरस के दिन कांच का सामान नहीं खरीदना चाहिए धारदार शक नहीं करना चाहिए हिंदू धर्म के सभी त्योहारों में काला रंग नहीं माना जाता है ( dhanteras 2020 )

इसलिए धनतेरस के दिन भी काले रंग की कोई भी सामान खरीदना चाहिए


धनतेरस 2020 शुभ मुहूर्त एवं पूजन विधि


धनतेरस कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाने वाला पर्व है इसे धनत्रयोदशी प्रधानमंत्री जयंती के नाम से भी जाना जाता है

मान्यताओं के अनुसार इस दिन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के जनक भगवान धनवंतरी जी समुद्र मंथन से अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे बर्तन खरीदने की परंपरा है दीपावली पर्व की शुरुआत हो जाती है

धनतेर का शुभ मुहरत क्या है


आज हम आपको साल 2020 धनतेरस पर्व की तिथि शुभ मुहूर्त और उसकी पूजा विधि के बारे में बताइए धनतेरस से थी वह मुहूर्त 2020 साल 2020 में धनतेरस का पर्व 13 नवंबर शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त होगा 13 नवंबर शुक्रवार साईं काल 5:30 से सायं काल 5:59 तक प्रदोष काल की पूजा का समय 5:26 से रात्रि 8:05 तक की पूजा का समय होगा 5:30 से 7:25 तक 

त्र योदशी तिथि प्रारंभ होगी 12 नवंबर रात्रि 9:30 पर त्र योदशि तिथि समाप्त होगी 13 नवंबर शाम 5:59 पर

 धनतेरस पूजन विधि


धनतेरस पर्व को देखते हुए देवी के नाम से भी जाना जाता है इस दिन संध्या काल में की गई पूजा बहुत ही शुभ मानी जाती है पूजा स्थल पर उत्तर दिशा में भगवान कुबेर और धन्वंतरि जी की प्रतिमा स्थापित कर ले अब यदि उनकी पूजा करें और साथ ही माता लक्ष्मी भगवान श्री गणेश जी का पूजन भी करें भगवान कुबेर को सफेद मिठाई और धन मंत्री जी को मिठाई का भोग लगाएं इसके बाद सभी पूजन सामग्री उन्हें अर्पित करते हुए आरती करले ( dhanteras 2020 )

धनतेरस श्याम जी फॉर पूजा विधि 


प्राचीन कथाआपके अनुसार धनतेरस के दिन यम देव की पूजा कर दक्षिण दिशा में दीप जलाने का विधान है शास्त्रों के अनुसार यदि धनतेरस की शाम को या देव के नाम का दीपक जलाया जाए और उनकी पूजा की जाए तो व्यक्ति को अकाल मृत्यु के भय से छुटकारा मिलता है

यमराज की पूजा के लिए आटे का चौमुखी दीपक बनाने और विधिवत पूजा कर इसे घर के दक्षिण दिशा में मुख्य द्वार के दाएं और रखते हैं साथ ही पूरी श्रद्धा से युवराज को नमन करते हुए परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें ( dhanteras 2020 )

धनतेरस का महत्व दिवाली से पहले धनतेरस का त्यौहार मनाया जाता है इस दिन लोग सोने चांदी के बर्तनों की खरीदारी करते हैं समुद्र मंथन के दौरान हाथों में अमृत से भरा कलश लेकर प्रकट हुए थे तभी से इस दिन बर्तन खरीदने का बहुत अधिक महत्व है

इस दिन विशेष कर पीतल और चांदी से बने बर्तन खरीदना शुभ होता है पीपल को भगवान धन्वंतरि जी की धातु माना गया है जो व्यक्ति को आरोग्य सौभाग्य और स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्रदान करती है इस दिन धन के देवता कुबेर और यम देव का पूजन भी किया जाता है ( dhanteras 2020 )

धनतेरस 2020 संबंधित अन्य आपका किसी प्रकार का कोई प्रश्न है तो आप अपना प्रश्न कमेंट बॉक्स में छोड़ सकते हैं  class 12th notes
दोस्तों इस जानकारी को अपने मित्रों के साथ व्हाट्सएप पर शेयर जरूर करें 


टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां